New Loan Rule 2026: Canara Bank & Others Change EMI Rules from 1 June – Full Guide
नए लोन नियम 2026 – 1 जून से Canara Bank समेत ये बैंक बदलेंगे आपकी EMI!
Published Date: 1 June 2026 | Reading Time: 10 min
🔹 RBI ने बदले MCLR और Repo Rate से जुड़े नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मई 2026 की मौद्रिक नीति में Repo Rate को 6.75% पर स्थिर रखा, लेकिन MCLR (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) की गणना के फॉर्मूले में बड़ा बदलाव किया। अब बैंक हर तिमाही की बजाय मासिक MCLR रिवाइज कर सकते हैं। इससे Home Loan, Personal Loan, Auto Loan की EMI हर महीने बदल सकती है।
🔹 Canara Bank ने किया एलान – 1 जून से नियम लागू
Canara Bank ने सबसे पहले नए MCLR फॉर्मूले को अपनाया। 1 जून 2026 से बैंक के सभी floating rate loans पर EMI हर महीने बदलेगी। इसके अलावा Bank of Baroda, PNB, SBI ने भी जुलाई 2026 से इसे लागू करने की घोषणा की है। यदि आपका लोन MCLR से linked है, तो आपकी EMI अब घट या बढ़ सकती है।
🔹 EMI कैलकुलेट करने का आसान तरीका – How to Calculate Revised EMI?
नए नियमों के बाद EMI जानने के लिए आप RBI approved EMI calculator का उपयोग कर सकते हैं। बस तीन चीज़ें चाहिए: Loan Amount, Interest Rate (नई MCLR + spread), Tenure। उदाहरण: 30 लाख का होम लोन, पुरानी ब्याज दर 9%, नई 8.5% होने पर EMI ₹27,000 से घटकर ₹25,800 हो जाएगी। लेकिन अगर ब्याज बढ़ता है तो EMI भी बढ़ेगी। इसलिए हर महीने Loan Statement चेक करें।
🔹 इन 5 बातों का रखें ध्यान – Important Tips for Borrowers
- 1. पहले से अतिरिक्त बजट रखें – EMI बढ़ने पर परेशानी न हो, इसलिए 10-15% extra income बचाएं।
- 2. Loan Tenure बढ़ाने का ऑप्शन – बैंक से संपर्क करें, कई बैंक बिना चार्ज के tenure बढ़ा देते हैं।
- 3. Balance Transfer का विकल्प – कम ब्याज दर देने वाले बैंक में लोन शिफ्ट करें।
- 4. Prepayment करें – जब भी अतिरिक्त पैसा हो, principal amount घटाएं।
- 5. CIBIL Score पर असर – हर महीने समय पर EMI भरें, वरना Credit Score गिर सकता है।
🔹 क्या आपका लोन नए नियम से प्रभावित होगा? (Checklist)
यदि आपने after 1 April 2026 लोन लिया है, तो नए MCLR नियम लागू होंगे। पुराने लोन पर भी यदि आपने reset clause स्वीकार किया था, तो बैंक उसे बदल सकता है। सबसे अच्छा तरीका है – अपने बैंक के loan officer से बात करें या Net Banking में जाकर “Interest Rate Revision” सेक्शन देखें।
निष्कर्ष: नए नियमों से कुछ उधारकर्ताओं को EMI में राहत मिलेगी, तो कुछ को बोझ बढ़ सकता है। बेहतर यही है कि आप fixed rate loan (जैसे सोने पर लोन) का विकल्प चुनें, या फिर हर महीने EMI बदलने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।
Reviewed by Rahul S
on
Monday, June 01, 2026
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